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  • kuldeepanchal9

संसार में अकेले

इसमें कोई संदेह नहीं कि संसार की इस भीड़ में मेरे जैसे कुछ मानव अपनी वाणी में कटु शब्दों के प्रयोग करके अकेले हैं


लेकिन दूसरे मानव भी अपने विश्वास की परीक्षा लेकर यह सुनिश्चित कर लें कि संसार के इस अरबों मानव की भीड़ में उनके अपने कितने हैं जो विपरीत समय में

दुःख के समय तन,मन व धन से उनके साथ हैं

उसी समय उनके विश्वास का भ्रम भी धरातल पर आ जायेगा

*** डॉ पाँचाल

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