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  • kuldeepanchal9

स्वार्थ व आवश्यकता

कई वर्षो के कटु अनुभव के आधार पर कह सकता हूँ कि जब जब किसी का आपसे कोई भी कैसा भी किसी भी प्रकार का स्वार्थ होगा या आपकी आवश्यकता होगी चाहे वह न्यूनतम प्रतिशत ही क्यों न हो तब तक आप आदर,प्यार,लगाव मान सम्मान के पात्र होंगे


स्वार्थ व आवश्यकता समाप्त होने पर आपके प्रति स्वतः घृणा भी उत्पन्न हो जाएगी जिससे आपके सारे गुण अवगुण में परिवर्तित हो जायेंगे जिसके कारण आपका अस्तित्व भी समाप्त होने की ढलान पर होगा

*** डॉ पाँचाल

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