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  • kuldeepanchal9

सुख दुःख

Updated: Jun 1

सुख दुःख,उतार चढ़ाव, आशा निराशा जीवन के पहलू हैं

बिना दुःख के सुख,बिना उतार के चढ़ाव व बिना निराशा के आशा की महत्ता कम होती है

पतझड़ के बाद ही नये पत्ते आते हैं

इसी प्रकार

सितारों की महत्ता अंधकार में ही होती है उजाले में तो सितारों की महत्ता भी शून्य हो जाती है

***डॉ पाँचाल



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