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  • kuldeepanchal9

सहन शक्ति

Updated: Jun 1

सहन शक्ति की एक सीमा होती है


पृथ्वी पर दिन प्रतिदिन अत्याचार होते रहते हैं उसको भी भूकम्प के रूप में कुछ मचलने का अधिकार होता है


दोष बादलों का नहीं होता कि वो बरस गये....


दिल हल्का करने का अधिकार तो सबको है


तूफान को भी अपना जोश दिखाने का अधिकार होता है


समुन्द्र को भी कभी कभी अपनी शक्ति का अहसास कराने का मन होता है


इसी प्रकार कभी कभी मनुष्य भी क्रोध वश अपने विचार आवेश में आकर प्रस्तुत करता है


***डॉ पांचाल





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