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  • kuldeepanchal9

समय व् भाग्य का महत्व

कर्म क्षेत्र के अग्नि पथ पर चलते हुए निष्ठा, लग्न, कठिन परिश्रम व् मन मस्तिष्क से दायित्वों का निर्वाह करते हुए जब समय व् भाग्य साथ नहीं देते हैं तो विफलता प्राप्त होती है तथा वो विद्वान व् विदुषी जिनके मुखारविंद में स्वर भी नहीं आते थे समय. भाग्य व् परिस्थिति के विपरीत होने पर उनमें इतना साहस आ जाता है कि उनके स्वर भी हमारे विरुद्ध हो जाते हैं |

*** डॉ पांचाल





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