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  • kuldeepanchal9

शतरंज की चाल

कोई भी सरल मनुष्य जो निस्वार्थ,निश्चल,निष्कपट भावना से अपने कर्मक्षेत्र में पूर्ण निष्ठां से कार्य कर रहा हो उसको शतरंज की चाल की तरह चलकर पराजित करना सरल होता है लेकिन आपकी अंतरात्मा में व्याप्त अदृश्य सिपाही पग पग आपको शापित करता रहेगा |

*** डॉ पांचाल



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