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  • kuldeepanchal9

विपरीत परिस्थिति

हमारे कर्मो से भाग्य बनता है लेकिन समय भी महत्वपूर्ण होता है


जब मानव के अनुसार समय विपरीत चलता है सब कुछ विपरीत ही प्रतीत होता है

ऐसे ही समय में इतना स्मरण रखना चाहिए कि कुछ मनुष्य रिश्तों को समाप्त करने के आप पर अनर्गल आरोप भी लगा सकते हैं

भाँति भाँति के आरोप को सत्यापित करने के लिए उन्हें किसी भी प्रकार का संकोच नहीं होगा न ही कोई हिचकिचाहट होगी

*** डॉ पाँचाल

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