Search
  • kuldeepanchal9

वर्ष में अपने व् सपने

मनुष्य के जीवन में वर्ष आते जाते रहते हैं | बीते वर्ष किसी के अपने बिछुड़ कर अपनी स्मृति छोड़ जाते हैं किसी के जीवन में नए अपने जुड़ जाते हैं | किसी के जीवन में किसी के सपने अधूरे रह जाते हैं किसी के सपने स्मरणीय बन जाते हैं | अगले वर्ष कुछ अच्छा होगा इसी आशा में जीवन व्यतीत होता रहता है | प्रकृति प्रदत्त सृष्टि में यह क्रम चलता रहता है |

*** डॉ पांचाल


#year2022#dreams#memories#trendsetterdrpanchal#lovers


29 views0 comments