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  • kuldeepanchal9

लहरें व सपने

Updated: May 30, 2021

समुंदर में जब चक्रवात आता है तो लहरें हिलोरें लेती है आकाश की नयी ऊंचाई छूना चाहती हैं लेकिन कुछ समय पश्चात लहरें हिलोरें लेने के बाद समुन्द्र में ही विलीन हो जाती है


ऐसे ही मनुष्य के मन मस्तिष्क में कोई सपना या विचार आता है जिसमें मनुष्य बिना परिश्रम के सफलता पाना चाहता है तो वह भी कल्पना की उड़ान में ही उड़ता रहता है

लेकिन कुछ समय पश्चात धरातल पर आ जाता है


केवल शांत समुन्द्र में ही बहुमूल्य रत्नों को प्राप्त किया जा सकता है न कि चक्रवात के समय


इसी प्रकार सपनों की उड़ान से मनुष्य को सफलता नहीं मिल सकती जब तक उसका मन मस्तिष्क गंभीर व शांत नहीं होगा

केवल व केवल शांत मन मस्तिष्क से ही किसी उपलब्धि को प्राप्त किया जा सकता है

*** डॉ पाँचाल


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