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  • kuldeepanchal9

नमन व मनन

Updated: Jun 1

मन बड़ा ही चंचल है मन पर नियंत्रण नहीं किया जा सकता यह अटल सत्य है


मन में उत्पन्न सकारात्मक व नकारात्मक सोच को बदला जा सकता है

केवल न लगने से जीवन सार्थक हो सकता है


मन से पहले न लगाने से

नमन बन जाता है

मन के अंत में न लगाने से मनन हो जाता है


अतः दूसरों को नमन करिये

व स्वयं को मनन करने के साथ साथ अपने जीवन के उद्देश्य को पूर्ण करके जीवन को सार्थक बनाएं


***डॉ पांचाल





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