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  • kuldeepanchal9

जीवन में ऊँचाई

मनुष्य अपने जीवन के हर क्षेत्र में नई नई ऊंचाइयों को छूना चाहता है


कुछ विरले ऐसे भी होते हैं जो अपने सगे सम्बन्धी, रिश्तेदार व मित्रगणों को भूलकर एक पद प्रतिष्ठा व ऊँचाई प्राप्त कर लेते हैं


यह भी ध्यान नहीं रहता व ये भी भूल जाते कि जिस पथ से वह चलकर आये हैं

वह पथ कभी किसी का सम्मान नहीं करता

पद प्रतिष्ठा व ऊँचाई किसी का सम्मान नहीं करती


केवल और केवल अपने ही होते हैं जिन्हें उनके ऊंचाइयों पर पहुंचने में गर्व प्रतीत होता है


***डॉ पांचाल

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