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  • kuldeepanchal9

अधर्मी हिन्दू

दो हजार पूर्व से हिन्दुओं की मान्यता अपने धर्म के प्रति कम होती जा रही है कट्टरता तो कभी रही ही नहीं जिसके कारण वह पतन की ओर है हिन्दुओं के शासन की परिधि भी कम हो रही है वह केवल अपने स्वार्थ के लिए जीवन यापन कर रहा है | मस्जिद में अजान के समय जगह नहीं होती, चर्च में प्रार्थना के लिए जगह नहीं दूसरी तरफ मन्दिरों में यज्ञ करने के लिए व् घंटे बजाने के लिए हिन्दू नहीं यह हिन्दुओं के लिए शर्मशार है |

*** डॉ पांचाल

#अधर्मिहिंदु#नास्तिक





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