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मन मस्तिष्क

परमेश्वर ने सभी की तरह मुझे भी एक मन एक मस्तिष्क दिया है इसलिए मन मस्तिष्क के अनुसार यदि मन मस्तिष्क में कड़वाहट है तो कटु शब्द ही कहे...

घृणा

एक वृक्ष फल देता है उसकी लकड़ियों को भी प्रयोग में लाया जाता है तथा वही वृक्ष पतझड में सुखी पत्तियां देता है लेकिन उस वृक्ष से घृणा नहीं...

मानव का बाह्य रूप

मानव के बाह्य रूप को देखकर अंतर्मन का कुछ भी अनुमान लगाना सम्भव नहीं होता और सीधी भाषा में दूसरे मानव के पेट या दिल में प्रवेश नहीं किया...

बुरा मानव

आज के समय में कर्मठ,निष्ठावान, लग्नशील, सद्कर्म,उत्तरदायी व दायित्वों को पूर्ण करने वाला मानव ही संसार मे सबसे बुरा होता है वह मानव चाहे...

सुख दुःख

सुख दुःख,उतार चढ़ाव, आशा निराशा जीवन के पहलू हैं बिना दुःख के सुख,बिना उतार के चढ़ाव व बिना निराशा के आशा की महत्ता कम होती है पतझड़ के बाद...

व्यक्तित्व निर्माण

डॉक्टर के यहाँ चोट का उपचार हो जाता है लेकिन दिल पर लगी चोट का नहीं नाई के यहाँ सिर का बोझ कम होता है मन का बोझ नहीं ज्योतिषी भाग्य का...

शब्दों की महत्ता

शब्दों की महत्ता शब्द अधिक आवश्यक हो जाते हैं, जब भी हम भावनाओं को व्यक्त करते हैं; जब हम किसी पर अपना अधिकार समझते हैं तब शब्द दिल से...

क्रोध

विश्व में क्रोध एक ऐसा विचित्र अस्त्र है जो दोनों ओर या दोनों दिशाओं में चोट करता है उस चोट की न कोई चिकित्सा होती न ही कोई चिकित्सक ठीक...

हाथों की लकीरें

हाथों की हथेलियों में लकीरें बहुत हैं लेकिन भाग्य की रेखा अदृश्य है प्रतिदिन पहनने के परिधानों में पॉकेट बहुत है लेकिन धन का अभाव है मन...

स्वयं को महत्ता

दूसरों को समझने में व दूसरे हमें पसंद करें इसी आशा में मधुर संबंध बनाने में वर्षो लग गए औऱ जीवन व्यतीत कर दिया अब समय है कि कि हम अपने...

संस्कार न होना

समय के अभाव में माता पिता का दुलार कहीं खो सा गया है और हम कहते हैं कि बच्चों में संस्कार समाप्त हो गए हैं माँ का बचपन में अपने बच्चे के...

मुहुर्त

न जन्म शुभ मुहूर्त के अनुसार होता है न मृत्यु के बाद स्वर्गलोक में प्रस्थान शुभ मुहूर्त के अनुसार होता है फिर भी सम्पूर्ण जीवन शुभ...

जीवन यात्रा

जीवन एक यात्रा की तरह है और इस यात्रा में हम सब यात्री हैं। इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बिताया जाता है हमारे दोस्तों, परिचितों और...

विश्वास

प्राचीन भारत में 5000 वर्ष पूर्व एक महाभारत हुई जिसमें आंखों व अक्ल के अंधे धृतराष्ट्र ने संजय की बातों पर अटल विश्वास किया लेकिन आज के...

आत्मा में परमात्मा

यदि किसी का कष्ट देखकर आपको कष्ट का अहसास होता है यदि किसी का दर्द देखकर आपको दर्द का अनुभव होता है यदि किसी की परेशानी सुनकर या देखकर...

हौंसला

कभी भी किसी की परिस्थितियों पर उपहास नहीं करना चाहिए जितनी बार आपने प्रयास भी नहीं किया होगा परमेश्वर की कृपा से उससे कई गुणा अधिक मैं...

आंतरिक शांति

मानव कितनी भी धन सम्पदा एकत्र कर ले लेकिन मन मस्तिष्क में यदि आंतरिक शान्ति नहीं है तो सब व्यर्थ है यह इस प्रकार है जैसे कि आप समुन्द्र...

धन संपदा

किसी भी मनुष्य के पास धन संपदा ही सम्पत्ति नहीं कहलाती मानव के दिल मे दूसरे के लिए प्यार हो दूसरों की बातें सुनने के लिये कान खुले हो नयन...

मन मस्तिष्क की जड़ें

अपने मन मस्तिष्क की आंतरिक शक्ति व शांति की जड़ों को इतना दृढ़ बना लो कि किसी की अनुपस्थिति व उपस्थिति आपको विचलित न कर सके तथा आप अपने...

शतरंज

शतरंज का खेल भी बहुत विचित्र है सबसे शांतप्रिय खेल है केवल मन मस्तिष्क में द्वंद चलता रहता है यह भी पता है कि शत्रु सामने है कहाँ से किधर...