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अर्थ,अनर्थ,व्यर्थ व् समर्थ

मेरे द्वारा लिखे गये शब्दों व् वाक्यों को अर्थ होता है कोई कोई मानव इसको अनर्थ समझता है कोई व्यर्थ समझता है लेकिन कुछ ऐसे मानव भी है जो...

विपरीत समय

मनुष्य का समय कब विपरीत हो जाये किसी को ज्ञात नहीं होता | वृक्षों की शाखाएं काटने के बाद भी वह फल देता है, चन्द्रमा शनें शनें क्षीण होने...

अधार्मिक व् नास्तिक हिन्दू

हिन्दुओं से बड़ा अधार्मिक व् नास्तिक कोई नहीं हो सकता है जो अपने स्वार्थ के लिए देवी देवताओं बदल देता है व् पीर पर अपना माथा टेक देता है...

भगवान् निराकार या साकार

मेरे मूढ़ मन में एक प्रश्न कौंध रहा है कि परमपिता परमेश्वर सृष्टि के रचेता भगवान किस आकार में है? क्योंकि मैंने शास्त्रों में यही पढ़ा है...

नाप तौल

क्या चलन है जिन वंशज पर मनुष्य संसार की सारी खुशियाँ व् सारा धन सम्पदा लुटा देता है वही वंशज शव के अंतिम संस्कार के लिए वस्त्र व् अन्य...

शिक्षा ग्रहण

शिक्षा सभी को समझ में आ जाये या मन मस्तिष्क में धारण हो जाये यह आवश्यक नहीं है गीता का उपदेश श्रीकृष्ण जी ने अर्जुन को व संजय ने...

शक्तिशाली राष्ट्र

कोई लालसा नहीं देवता बनने की ,कोई लालसा नहीं प्रतिष्ठा पाने की, कोई लालसा नहीं धनवान बनने की, कोई लालसा नहीं किसी पद को पाने की,कोई लालसा...

धैर्य व् सहनशीलता

मानव को प्रकृति के अतिरिक्त बहुत कुछ सीखने को मिलता है कुछ अच्छा लक्ष्य पाने के लिए धैर्य आवश्यक है बिना धैर्य व् सहनशीलता के लक्ष्य को...

पैसा व् प्रगति

कुछ प्रश्न दिमाग में विद्यमान रहते है 1. क्या कोई ऐसा महंगा पैन आता है जो हमारा भाग्य बदल सके ? 2. क्या कोई ऐसी महँगी घड़ी आती है जो...

श्रावण मास के झूले

आज श्रावण मास का प्रथम दिन है भारतीय त्यौहारों में श्रावण मास में झूला झूलने की परम्परा भी थी विशेषत ग्रामों में जो कि अभी समाप्ति की और...

स्वयं के अंतर्मन में स्वयं का स्थान

मनुष्य के मन मष्तिष्क में भिन्न -भिन्न समस्याओं का,मनुष्यों का, नयी -नयी योजना, जीवन यापन करने के लिए साधन व् अन्य का स्थान होता है व्...

विशिष्ट मानव

कोई भी मनुष्य विशिष्ट नहीं होता है सभी अपनी आवश्यक दिनचर्या एक ही प्रकार से पूर्ण करते हैं | कोई धन सम्पदा से, कोई पद से विशिष्ट हो सकता...

जीवन में प्राप्ति

जीवन के अंतिम चरण में मनुष्य ने जीवन में क्या प्राप्त किया यह नहीं आँका जाता, मनुष्य ने जीवन भर क्या खरीदा उसका मूल्यांकन नहीं किया...

अधर्मी हिन्दू

दो हजार पूर्व से हिन्दुओं की मान्यता अपने धर्म के प्रति कम होती जा रही है कट्टरता तो कभी रही ही नहीं जिसके कारण वह पतन की ओर है हिन्दुओं...

ह्रदय रुपी पोर्टल

आज के समय में कुछ जानकारी देखने के लिए पोर्टल शब्द का प्रयोग किया जाता है अधिकतर मानव कुछ न कुछ पोर्टल पर जानकारी सूचनाएं एकत्र करते...

जीवन क्रिकेट का खेल

जीवन भी क्रिकेट के खेल की तरह हो गया है | मनुष्य कभी दायें से कभी बाएं से कभी बहुत तेज गति से कभी स्पिन कभी गुगुली कभी फुल टॉस कभी योर्कर...

प्रकृति व् स्त्री

प्रकृति व् स्त्री में कुछ -कुछ समानताएं होती है,दोनों में सहनशीलता है, दोनों मनुष्य को जीना सिखाती हैं, उन्हें समय- समय पर आगाह करती रहती...

मनुष्य और वृक्ष

दोनों में थोड़ी -थोड़ी समानता है, दोनों का अच्छे प्रकार से पालन पोषण किया जाता है, दोनों ही दूसरों के काम आते हैं, दोनों समाज के लिए भी...

मन का बोझ

कहीं कहीं बोझ या भार का कम होना अच्छा होता है जैसे यदि तीर के पीछे भार होगा न तो उसकी गति तीव्र होगी न ही सही लक्ष्य पर होगा,पहाड़ या...

प्रेम क्या है ?

प्रेम को सभी ने अलग -अलग परिभाषित किया है किसी ने वात्सल्य बताया है, किसी ने मित्रता, किसी ने करुणा बताया है, किसी ने भक्ति, किसी ने...