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स्वर्ग की कल्पना

मुझे इस बात की कोई परवाह नहीं कि कोई मुझे पसंद करता है या नहीं परमेश्वर ने मुझे अपना कर्तव्य पूर्ण करने का ज्ञान प्रदान किया है इसलिए...

सूर्य व् पृथ्वी की विशेषता

सूर्य पृथ्वी से करोड़ों गुणा अधिक विशाल है लेकिन फिर भी सूर्य सम्पूर्ण पृथ्वी को एक ही समय पर प्रकाशित करने में असमर्थ होता हैं | उसी...

वाणी पर नियंत्रण

किसी भी मनुष्य का उसकी वाणी व् जीभ पर नियंत्रण नहीं होता है क्यूँ कि वाणी व् जीभ मन से संचालित होती है और मन पर किसी का नियंत्रण सम्भव...

शतरंज की चाल

कोई भी सरल मनुष्य जो निस्वार्थ,निश्चल,निष्कपट भावना से अपने कर्मक्षेत्र में पूर्ण निष्ठां से कार्य कर रहा हो उसको शतरंज की चाल की तरह...

विपरीत परिस्थितियों में जीवन यापन

शक्तिशाली बनने का आनंद तभी है जब सारी दुनिया आपको शक्तिहीन करने में आमदा हो, आपके सिद्धांत व् नियमों का उपहास किया जा रहा हो, समय भी आपके...

समय व् भाग्य का महत्व

कर्म क्षेत्र के अग्नि पथ पर चलते हुए निष्ठा, लग्न, कठिन परिश्रम व् मन मस्तिष्क से दायित्वों का निर्वाह करते हुए जब समय व् भाग्य साथ नहीं...

हिन्दू के त्यौहार की अपेक्षा

हिन्दू अपने शस्त्र व् शास्त्रों से अनभिज्ञ हैं सम्पूर्ण राष्ट्र में भिन्न भिन्न त्यौहार मनाये जाते हैं कुछ त्यौहार में हिन्दू शस्त्र व्...

मनुष्य की मानसिकता

मनुष्य का मन बहुत ही विचित्र है चाहे वह स्त्री हो या पुरुष सभी को वर्तमान में ही प्रशंसा अच्छी लगती है यदि कोई स्त्री स्वादिष्ट भोजन...

स्वयं की कहानी को गढ़ना

यदि आप अपने जीवन में कुछ बेहतर करना चाहते हो या जीवन की कहानी को देदीप्यमान बनाना चाहते हो तो आप अपने जीवन के स्वयं लेखक हैं तथा नया दिन...

स्वर्ग नरक सुख दुःख

स्वर्ग नरक हिन्दू धर्म में ये दो शब्द बहुत प्रचलित व महत्वपूर्ण हैं लेकिन अभी तक इनको कोई भी परिभाषित नहीं कर सका है क्यों कि मृत शरीर...

जीवन एक अग्नि पथ

जीवन के अग्नि पथ पर चलते चलते जिनको मुझमें कुछ अच्छाई प्रतीत हुई उन्होंने मुझे तराशने का कार्य किया जिनको मुझमें सदैव कमियां ही प्रतीत...

हिन्दू मानव की मानसिकता

हिन्दू अपने धर्म पर अडिग नहीं है अपने स्वार्थ के लिए अपने देवी देवता बदल देते हैं हिन्दू शास्त्र सबसे प्राचीन हैं लेकिन केवल अल्प हिन्दू...

कर्मठ व् निष्ठावान व्यक्ति का परमेश्वर पर विश्वास

जीवन को सरल बनाने के लिए कुछ साहस व् विश्वास की आवश्यकता होती है कर्मठ, निष्ठावान व् परिश्रमी व्यक्ति इसी साहस विश्वास के साथ अपने जीवन...

जीवन कब तक कैसी- कैसी परीक्षा लेगा

शपथ ली थी अग्नि पथ पर चलने की, अग्नि पथ पर चलते -चलते अब पैर जलने लगे हैं,चलते -चलते शूल भी चुभने लगे हैं,चलते- चलते ये पग अब रुकने व्...

सफलता,असफलता, सुख व दुख

यदि मानव कठिन परिश्रम के द्वारा अपना लक्ष्य प्राप्त करके सफलता पाता है तो जीवन में सफलता व सुख आने से अन्य मनुष्यों से दूरी बन जाती है...

भोजन,प्रेम व् मान सम्मान

किसी भी मनुष्य को आवश्यकता से अधिक भोजन, प्रेम, मान सम्मान मिल जाता है तो वह इनका अपमान व् तिरस्कार ही करता है कुछ विरले ही होते हैं जो...

आत्मा व् सत्य अमर हैं

सभी प्राणधारी जीव की मृत्यु निश्चित है, सभी पदार्थ व् वस्तुएं या कह सकते हैं कि इस जगत में सब कुछ नश्वर है | मनुष्य के अहंकार,झूठ, कपट...

मित्र व् शत्रु में भेद

जो व्यक्ति मित्र व् शत्रु में भेद न कर सके, कौन प्रशंसा में दूध के साथ आपको विष पिला रहा हो, कौन कटु वचन बोलकर आपको भविष्य में अमृत...

निष्ठावान

किसी मानव के कार्य के प्रति निष्ठां, लग्न,कर्तव्य परायणता,कर्मठता व् परिश्रम को केवल विद्वान ही समझ सकता है अन्य कोई मानव नहीं उदाहरण:...

मानवीय गुण

गुलाब के फूल की गंध,कस्तूरी की गंध व् कमल का सौन्दर्य किसी के परिचय का मोहताज नहीं होता उसी प्रकार प्रत्येक मानव के गुण समय पर प्रकट हो...